Sawan 2020 [Sawan Somvar 2020] में Om namah shivay और Shiv Aarti के बारे में जाने
Sawan Somvar 2020 जिस तरह चैत्रमाह के आते ही पृथ्वी अन्नमय और प्राणी राममय हो जाते हैं उसी तरह श्रावण का माह आते ही पृथ्वी हरे रंग की चादर ओढ़ लेती है और प्राणी शिवमय हो जाता है। श्रावण ही ऐसा माह है जब कृष्ण गोपिकाओं के साथ तथा शिव सभी देवताओं के साथ पृथ्वी पर होते हैं। माहपर्यंत देवराज इंद्र शिव पर निरंतर रिमझिम वर्षा करके शीतलता प्रदान करते हैं।
India Bans 59 Chinese Apps: Tik Tok, Cam Scanner, Shareit And UC Browser #TikTok
सावन माह का महत्व [Happy Sawan]
श्रावण माह का प्रत्येक प्रहर परम शुभ रहता है। इसके महत्व को समझते हुए माता सती ने जब दूसरे जन्म में पर्वतराज हिमालय की पुत्री के रूप में जन्म लिया तो पुनः महादेव को पति रूप में पाने के लिए पूरे श्रावण माह व्रत किया और शिव को पति रूप में पुनः प्राप्त किया। Happy Sawan image
श्रावण में शिवलिंग की पूजा का महत्व
विद्यवेश्वर संहिता पृष्ठ 18 अध्याय 9 श्लोक 40.43:- इससे मैं अज्ञात स्वरूप हूँ। पीछे तुम्हें दर्शन के निमित साक्षात् ईश्वर तत्क्षणही मैं सगुण रूप हुआ हूँ।(40) मेरे ईश्वर रूप को सकलत्व जानों और यह निष्कल स्तंभ ब्रह्म का बोधक है।(41) लिंग लक्षण होने से यह मेरा लिंग स्वरूप निर्गुण होगा। इस कारण हे पुत्रो! तुम नित्य इसकी अर्चना करना।(42) यह सदा मेरी आत्मा रूप है और मेरी निकटता का कारण है Savan status
Who Is Shiva?
— Vora Uttam (@VoraUttam3) July 6, 2020
.
He is lord of ignorance.
.
Shiva means darkness.
.
Shiva means nothing.
.#हर_हर_महादेव pic.twitter.com/qkX2K5HRy7
सुहागिन महिलाएं ऐसे करें शिव पूजा
वास्तव में शास्त्राविधि अनुसार साधना न देवता करते थे न दैत्य। केवल काल द्वारा बताई गई तपस्या (जो ब्रह्मा को जन्म के समय आकाशवाणी द्वारा काल ब्रह्म द्वारा कमल के फूल पर बताई थी, उस तपस्या) अर्थात् हठ योग को दोनों करते थे। दोनों ही सिद्धियाँ प्राप्त करते थे। जैसे शराब को देवता पीऐ चाहे दैत्य, दोनों को ही सरूर होगा। सिद्धियाँ प्राप्त होने पर प्राणी को अभिमान का नशा हो जाता है। फिर आपस में एक-दूसरे पर सिद्धियों का प्रयोग करके स्वयं के जीवन को नष्ट कर जाते हैं। यह सर्व काल ब्रह्म द्वारा फैलाया भयंकर जाल है जिसे तत्वज्ञान से ही समझा जा सकता है तथा इस जाल से निकला जा सकता है। Happy Sawan
In Kabir Sagar, it has been written that -
Dhare Shiv lunga bahu vidhi ranga, gaal bajave gahle,धरे शिव लुगा बहु विधि रंगा, गल बजावे गहले
Je ling pooje shiv sahib mile, to pooje kyo na khaile जैलिंग पूजै शिव साहिब मिले, तो पूजै क्यों ना खैल
शिवलिंग पर भांग, मंदार, बेलपत्र, धूतरा और शमी पत्र चढ़ाने के फायदे
शिव महापुराण - श्री विष्णु श्री ब्रह्मा तथा शिव की उत्पत्ति
काल रूपी ब्रह्म अर्थात् सदाशिव तथा प्रकृति (दुर्गा) श्री ब्रह्मा, श्री विष्णु तथा श्री शिव के माता पिता हैं।
![Sawan 2020 [Sawan Somvar 2020] Sawan 2020 [Sawan Somvar 2020]](https://blogger.googleusercontent.com/img/b/R29vZ2xl/AVvXsEjPuO4VnIb3rL55gZBHCOcoSCQaXrM8kcm3TXWHPA75jErTvG1MVQEltQp40mwAY0pbuFsI9f2PQFnuJtgdkKzi3tLA-usZn3C8aynJO8mnsS1M5TskoW8Vv2am1Leo5Jn7A8Nf4FBabBg/w400-h225/Sawan+2020+%255BSawan+Somvar+2020%255D.jpg)


No comments:
Post a Comment
Respect Everyone's Privacy.